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sc/st act : दलित संगठनों ने किया भारत बंद का ऐलान

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sc/st act पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट के तहत होने वाली तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया है। कोर्ट के फैसले पर आपत्ति जताते हुए दलित संगठन ने भारत बंद (bharat band) का ऐलान किया है। कई जगहों पर ट्रेनों के रोने जाने की ख़बरें भी आ रही हैं।

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sc/st act : केंद्र सरकार द्वारा याचिका

केन्द्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में आज एक पुनर्विचार याचिका दायर कर sc/st के कथित उत्पीड़न को लेकर तुरंत होने वाली गिरफ्तारी और मामले दर्ज किए जाने को प्रतिबंधित करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती देगी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय द्वारा दाखिल किए जाने वाली इस याचिका में यह तर्क दिया जा सकता है कि कोर्ट के फैसले से sc/st act 1989 के प्रावधान कमजोर हो जाएंगे। याचिका में सरकार यह भी तर्क दे सकती है कि कोर्ट के मौजूदा आदेश से लोगों में कानून का भय खत्म होगा और इस मामले में और ज्यादा कानून का उल्लंघन हो सकता है। सोमवार को बुलाए गए भारत बंद ( bharat band ) को बिहार में राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। दलित संगठनों ने भी अनुसूचित जाति-जनजाति संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को आहूत भारत बंद का समर्थन किया है।

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sc/st act : सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एक नजर

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने sc/st act 1989 में सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने का फैसला किया था। कोर्ट ने कहा था कि sc/st act के तहत दर्ज मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच हो। कोर्ट ने कहा था कि केस दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर का अधिकारी पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करेगा और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि कुछ मामलों में आरोपी को अग्रिम ज़मानत भी मिल सकती है।

जानें विस्तार से

sc/st act पर सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद दलित संगठनों के दो अप्रैल को भारत बंद ( bharat बंद ) के मद्देनजर पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने चौकसी कड़ी कर दी है। पंजाब मे सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय व बैंक सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद करने के आदेश हैं।

बंद के दौरान सोमवार को बंद के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस के साथ रिजर्व फोर्स और पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात कर दिया है। सुरक्षा बल जिलों में लगातार फ्लैग मार्च निकाल रहे हैं। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने कहा है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और हर कीमत पर कानून व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के 12 हजार अतिरिक्त जवानों को फील्ड में उतारा गया है। सुरक्षा बलों ने आज एहतियात के तौर पर राज्य के कुछ हिस्सों में फ्लैग मार्च निकाला। सरकार ने तीन अप्रैल तक कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य के लोगों खासकर अनुसूचित जाति के सदस्यों से संयम बरतने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

अब देखना ये है की सरकार द्वारा दायर याचिका पर कोर्ट क्या फैसला सुनाती है। इस विषय पर कमेंट कर आप अपने विचार शेयर कर सकते हैं।

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