Padmavat protest in gurugram

पद्मावत : पुलिस ने उग्र प्रदर्शन कर रहे 18 लोगों को गुरुग्राम में गिरफ्तार किया

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Padmavat protest in gurugram

Padmavat protest in gurugram

करनी सेना के नेतृत्व में अब तक, पद्मावत के विरोध में काफी नुकसान किए जा चुके हैं। कही बसों को आग के हवाले कर दिए गए, तो कहीं उनके शीशे फोड़ दी गए। विरोध की आंधी में लोग इस कदर अंधे हो गये की, स्कूल बस तक को भी नहीं छोड़ा। गुरुग्राम में एक स्कूल बस पर पत्थर फेंकें गए। इस सिलसिले में गुरुग्राम पुलिस ने कुछ गिरफ्तारियां भी की हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेहरे पर कपड़े बाँध रखे थे, इसलिए पुलिस के लिए उनकी पहचान कर पाना थोड़ी मुश्किल थी।

करनी सेना लगातार पद्मावत के रिलीज़ के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है, पद्मावत रिलीज़ के खिलाफ यह विरोध उग्र रूप लेता दिख रहा है। करनी सेना का कहना है की, इस फिल्म में ऐतिहशिक सच्चाई को गलत ढंग से पेश की गयी है। वहीं संजय लीला भंसाली का दावा है की, फिल्म में ऐसी कोई छेड़छाड़ नहीं की गयी है। फिल्म निर्माता भंसाली ने ये भी कहा की, यह फिल्म राजपूतों के गौरव को दर्शाता है। करनी सेना, फिल्म निर्माता की कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। उनका विरोध प्रदर्शन ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है।

करनी सेना के इस विरोध प्रदर्शन से, आम जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस प्रशाशन की मौजूदगी भी कई जगहों पर इसे रोक नही पा रही है। इस दिशा में गुरुग्राम पुलिस ने कार्यवाही करते हुए, कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया है।

18 गिरफ्तार गुरुग्राम में

गुरुग्राम में स्कूल बस पर कल हमले के सिलसिले में हरियाणा पुलिस ने, गुरुवार को 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। ये लोग उस उग्र भीड़ का हिस्सा थे, जिसमें पद्मावत की रिलीज़ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में पत्थर और लाथियां थी। इन लोगों ने स्कूल बस पर हमला किया गया। इन में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके गुरुग्राम की स्थानीय अदालत में पेश होने की संभावना है। जीडी गोयनका वर्ल्ड स्कूल की बस पर हमला इसलिए हो गया क्योंकि, यह उस भीड़ के पीछे चली गई थी जिसने हरियाणा रोडवेज बस को जलाया था। बस पर एक गोली भी चलाने की खबर आई थी। एक वीडियो में फर्श पर स्कूली बच्चों को झुककर बचते हुए देखा गया। कर्मचारियों के सदस्यों ने बच्चों को फर्श से ना उठने के लिए कहा। भीड़ से कुछ लोग बस पर पत्थर फेंक रहे थे। उस समय बस में नर्सरी से बारहवीं तक के बच्चे थे। चालक के अलावा वाहन में तीन शिक्षक, एक कंडक्टर और सहायक भी शामिल थे।

कोई चोट की सूचना नहीं

हमारे साथ क्या हो रहा है यह समझने का मौका भी नहीं था, उन्होंने हमला इतने अचानक किया। एक स्कूल कर्मचारी जो बस में था, ने कहा। घटना की पुष्टि करते हुए, गुड़गांव पुलिस अधिकारी  मनीष सहगल ने कहा,  स्कूल बस उस इलाके में चल रही थी जब सड़क पर एक बस को आग लगा दी गई थी। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल बस पर पत्थर फेंके थे। कुछ कांच टूट गया था, लेकिन अब तक किसी को चोट लगने की सूचना नहीं आई है।

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