55 Year old dalit women was attacked in meerut

नोएडा में जिम ट्रेनर की फेक एनकाउंटर करने की कोशिश, सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार

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fake encounter claim by noida police sub inspector for shooting zym trainer

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नोएडा के जिम ट्रेनर के हत्या के मामले में, एक सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। ट्रेनर की उम्र करीबन 25 वर्ष की थी। सब इंस्पेक्टर ने, इसे एनकाउंटर साबित करने की कोशिश की। ट्रेनर पर धारा 394 और 307 लगाया गया था। यह दोनों धाराएं डकैती और हत्या के प्रयास की हैं। यह घटना शनिवार की देर रात 10 बजे की है। घटना नोएडा के सेक्टर 122 की है।

जितेन्द्र कुमार यादव, अपने चार रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ, पार्थला गांव में घर जा रहे थे। तभी उनकी कार सब इंस्पेक्टर विजय दर्शन, एक अन्य सब इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबलों द्वारा रुकवाई गयी।

घटनाओं के अनुक्रम के बारे में बताते हुए, मामले में शिकायत करने वाले यादव के भाई धर्मेंद्र ने दावा किया कि, पुलिस कर्मियों ने कार को रोक दिया और कहा कि उन्हें पुलिस चौकी ले जाया जाएगा। उन्होंने हमें मारना शुरू कर दिया, जब यादव ने पूछा कि हमारा अपराध क्या है। उसने एक रिवाल्वर निकाला और गर्दन में मेरे भाई को गोली मार दी। मुझे और मेरे चाचा को जमीन पर ढकेल दिया, धर्मेंद्र ने यह आरोप लगाया।

यादव के परिवार ने कहा कि वह सर्जरी करा चुके हैं, और नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी चेतना वापस नहीं आई है, लेकिन उसकी हालत पहले से ठीक है। उसे गर्दन के दाहिनी ओर बुलेट लगी थी। यादव के दोस्त सुनील जाट को भी उनके पैर पर बुलेट की चोट आई, लेकिन वह भी खतरे से बाहर हैं।

रविवार को मीडिया को संबोधित करते हुए गौतम बुद्ध नगर एसएसपी लव कुमार ने बताया कि, दर्शन को गिरफ्तार कर लिया गया है।

अन्य तीनों पुलिस वालों को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अपराध में दर्शन द्वारा उपयोग की गई सेवा पिस्तौल भी बरामद की गई है। यह एक मुठभेड़ का मामला नहीं था। आरोपी सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हम सभी कोणों से मामले की जांच कर रहे हैं, एसएसपी कुमार ने कहा।

यह संभव है कि कुछ व्यक्तिगत कारण हो सकता है, जिसके कारण इस्पेक्टर ने आदमी को गोली मार दी। हम इस घटना की निंदा करते हैं, एक सब इंस्पेक्टर से ऐसा काम करने की उम्मीद नहीं है, एसएसपी ने कहा।

यादव के परिवार ने पुलिस के दावों से इनकार कर दिया कि, दर्शन सादे कपड़े में थे। वह वर्दी में था और अपनी सर्विस बंदूक के साथ था। यादव के चाचा ने कहा की, मेरे भतीजे को अस्पताल में लगभग तीन घंटे तक नहीं लिया गया।

घटना को मुठभेड़ मामले की तरह लगने के लिए, सब इंस्पेक्टर एक देशी पिस्टल की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा था। वे हमारे खिलाफ झूठे मामला थोपने के लिए, एक झूठी कहानी तैयार कर रहे थे।

नोएडा के इस घटना ने एक बार फिर से पुलिस की इमानदारी पर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आम जनता की रक्षा के लिए बनायी गयी पुलिस ही, जब ऐसे काम करने लगेगी तो जनता मदद के लिए कहाँ जाएगी? ऐसे मामलों में संलिप्त पुलिसवालों को कड़ी से कड़ी सजा देने की जरूरत है। अगर ऐसी घटनाओं में पुलिसवालों के खिलाफ कड़े कदम नहीं उठाये गए, तो लोगों का पुलिस प्रशाशन से भरोसा उठ जाएगा।

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