Students writing answers in up board exam 2018

यूपी बोर्ड परीक्षा : पिछली बार के मुकाबले नक़ल की शिकायतें कम, जानें विस्तार से

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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं आज से शुरू हो गयी हैं। यह परीक्षा हर वर्ष यूपीएसईबी द्वारा करवाई जाती है। इस बार परीक्षा में नक़ल के आंकड़े पिछली बार के मुकाबले काफी कम रहे। पिछली बार बलिया से 24 मामले आये थे नक़ल के, लेकिन इस बार कोई मामला वहाँ से नहीं देखने को मिला। इस बार नक़ल में पहले नंबर पर मथुरा रहा, दुसरे और तीसरे नंबर पर कनौज और प्रतापगढ़ रहे। पिछली बार यूपी से कुल 110 मामले आये थे, जब की इस बार सिर्फ 16 शिकायतें देखने को मिली।

बाल भारती इंटर कॉलेज के खिलाफ कार्यवाई की गयी। छात्रों को नक़ल करवाने में यह कॉलेज मदद कर रहा था। इसके प्रधानाचार्य सहित अन्य शिक्षकों को गिरफ्तार किया गया। क्लास में मौजूद शिक्षक, छात्रों को उत्तर उपलब्ध करवा रहे थे। विद्यालय के हेड, शिव प्रसाद सहित अनिल तिवारी और शिशंकर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। जिन सामग्रियों के माध्यम से नक़ल करवाए जा रहे थे, उसे भी जब्त कर ली गयी।

यूपीएसईबी द्वारा जारी आंकडें बताते हैं कि, तीन एफआईआर दर्ज हुई हैं। चांदौली में, राम शंकर इंटर कॉलेज के स्कूल प्रबंधक सुधीर कुमार सिंह और नकली अन्वेषक, 22 वर्षीय सुरेंद्र प्रताप को बड़े पैमाने पर नकल करवाने की सुविधा के लिए, सलाखों के पीछे भेजा गया। अनुचित साधनों का उपयोग करने के लिए एक दसवीं कक्षा की छात्र को रस्टीगेट कर दिया गया। प्रतापगढ़ में, एक छात्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। गोरखपुर में, ग्रामस्थली बालिका इंटर कॉलेज के केंद्र अधीक्षक को बड़े पैमाने पर नकल के संदेह से, बदल दिया गया। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की नकली उत्तर पत्रिकाओं को छपाई करने के लिए, बुक स्टोर के मालिक की गिरफ्तारी की भी खबर आई थी। कुल मिलाकर, एक लाख अस्सी हजार परीक्षार्थी परीक्षा में भाग लिए थे। दसवीं कक्षा में करीबन दस लाख पंजीकृत छात्रो में से, लगभग तिरपन हजार उम्मीदवार अनुपस्थित रहे। पहली शिफ्ट में दसवीं कक्षा के होम साइंस थे। बारहवीं कक्षा के छात्रों की सुबह की शिफ्ट में हिंदी और दोपहर की पारी में सामान्य हिंदी था। करीबन दस लाख उम्मीदवारों ने हिंदी में पंजीकरण किया था, जब की सामान्य हिंदी का आंकड़ा अठारह लाख था।

इस बीच, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने जौनपुर में आठ परीक्षा केन्द्रों की आश्चर्यजनक निरीक्षण की। उन केंद्रों में जहां शर्मा का दौरा किया गया था, उनमें डॉ भीमराव अम्बेडकर इंटर कॉलेज, किसान आदर्श राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, फौजदार इंटर कॉलेज, भोलानाथ शास्त्री निकेतन इंटर कॉलेज, स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज, बलभद्र इंटर कॉलेज, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज और गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज शामिल हैं। हालांकि इनमें से किसी भी केंद्र से कोई भी आपत्तिजनक खबर नहीं पाया गया था। शर्मा ने दोहराया कि उनकी सरकार धोखाधड़ी मुक्त परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नक़ल एक आम बात होती थी, लेकिन इस बार ऐसा देखने को नहीं मिला। इन परीक्षाओं में काफी सख्ती बरती गयी, और योजनाबद्ध तरीके से इसे करवाया गया। नक़ल के मामलों में पिछली बार के मुकाबले, इस बार आंकड़ें काफी कम रहीं। बाकी के बचे परीक्षाओं में भी ऐसी ही शख्ती की उम्मीद की जा रही है।

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