Gurgaon police arrested all accused of 4 months old murder case

गुरुग्राम में 4 महीने बाद पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाई, सभी आरोपी गिरफ्तार

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Gurgaon police arrested all accused of 4 months old murder case

Gurgaon police arrested all accused of 4 months old murder case

गुरुग्राम में 4 महीने पहले हुई हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा दिया है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पिछले साल 4 नवंबर को यह मामला प्रकाश में आया था, जब मृतक के बड़े भाई की पत्नी और मृतक के बड़े भाई ने सिविल लाइंस पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की थी। मृतक के बड़े भाई का नाम कुलदीप सिंह है, और मृतक का नाम प्रेम सिंह है। शिकायत में कुलदीप ने, उनके भाई प्रेम सिंह के अपहरण का आरोप लगाया था। मामला गुड़गांव पुलिस ने सेक्टर 39 अपराध यूनिट टीम को सौंप दिया गया था। लगभग तीन महीने के मामले की जांच के बाद, पुलिस ने शुक्रवार को तीन आरोपियों को कथित रूप से हमले में शामिल पाया और गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने करण सिंह, अमित और राजेश को राजीव चौक इलाके से गिरफ्तार कर लिया। करण सिंह मामले में मुख्य आरोपी है। करण सिंह, कुलदीप सिंह की पत्नी के चाचा हैं, जबकि अन्य दो उनके दोस्त हैं। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने कबूल किया कि, उन्होंने प्रेम का अपहरण कर लिया और उसे मौत के घाट उतार दी। उन्होंने कहा कि तिचीली गांव के पास, अरावली की जंगलों में प्रेम का शरीर जला दिया। उन्होंने प्रेम के बड़े भाई कुलदीप के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए, प्रेम को किडनैप किया था। हत्या करने से पहले प्रेम को यातना देने की बात भी कबूल की गयी। परिवार की इच्छाओं के खिलाफ करण सिंह की 22 वर्षीय भतीजी ने भाग कर कुलदीप से शादी की थी।

प्रेम के शरीर को जलाने के चार-पांच दिन बाद, अभियुक्त उसके अवशेषों की जांच करने के लिए मौके पर लौटे। गुड़गांव पुलिस के सेक्टर 38 अपराध इकाई के प्रभारी राज कुमार ने कहा, शरीर को आधा जला देखते हुए उन्होंने दूसरी बार फिर आग लगाई।

प्रेम से ठिकाने की जानकारी मिलने के बाद, करण सिंह ने कुलदीप और उनकी पत्नी पर हमला किया था। उसके बाद करण सिंह की भतीजी कोमा में चली गयी। एक दिन पहले ही कुलदीप ने प्रेम के लापता होने की शिकायत दर्ज की थी। आरोपी ने महिला और कुलदीप को गोली मार दी थी, जो फारुखनगर में रह रहे थे। आरोपी ने प्रेम का अपहरण किया था, क्योंकि उसे पता था कि वह कहाँ छिप रहे थे। कुलदीप गोलीबारी में बच गए थे, महिला घायल हो गई थी और कोमा में चली गयी थी। तीन अभियुक्तों को एक अदालत में पेश किया गया था, और आगे पूछताछ के लिए सात दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। डीएनए नमूने भी अपराध के दृश्य से एकत्र किए गए थे, और मृतक की अपहरण करने के लिए इस्तेमाल की गई कार भी पुलिस द्वारा बरामद की गई थी।

साल 2016 के मुकाबले गुडगाँव में हत्या के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। 2017 में यह संख्या 52 हो गयी, जब की उसके पहले वर्ष में मात्र 41 थी। हत्या के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए, पुलिस को आवश्यक कदम उठाने की सख्त जरुरत है। आम इंसानों को भी जागरूक होने की जरुरत है, और घटना घटिक होने से पहले ही पूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आम लोगों को भ्रस्टाचार के खिलाफ कदम से कदम मिला के आगे बढ़ने की जरुरत है।

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