Dayashankar singh again became the bjp vice president of uttar pradesh

दयाशंकर सिंह फिर से बने उत्तर प्रदेश के बीजेपी उपाध्यक्ष, मायावती पर अभद्र टिप्पणी मामले में पार्टी से हुए थे निष्कासित

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Dayashankar singh again became the bjp vice president of uttar pradesh

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उत्तर प्रदेश से आज एक बड़ी ख़बर सामने आ रही है। दयाशंकर सिंह की बीजेपी में फिर से वापसी हो चुकी है। बसपा अध्यक्ष मायावती के बारे में कुछ अभद्र बातें बोलने के कारण, उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। अब उन्हें पार्टी में पूरी इज़्ज़त के साथ वापस ले लिया गया है। बीजेपी ने उन्हें 2016 में पार्टी से निष्कासित किया था। उस वक़्त वह उपाध्यक्ष के पद पर विराजमान थे। दयाशंकर सिंह की बीजेपी में ना सिर्फ़ वापसी हुई है, बल्कि उनका पद भी लौटा दिया गया है। उन्हें फिर से उपाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने का पार्टी ने निर्णय लिया है।
पार्टी ने कुछ अन्य लोगों के भी नाम उपाध्यक्ष पद में शामिल किए हैं। उन नामों में संजीव सेनी, जेपीएस राठौर, संजीव बलयन और कांता कर्दम भी शामिल हैं।

दयाशंकर की टिप्पणी

दयाशंकर सिंह ने बसपा अध्यक्ष पर पार्टी की टिकट बेचने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था की बसपा में उन्हीं को टिकट दिए जाते हैं, जो ज़्यादा पैसे देते हैं। इस टिप्पणी के कारण, उनपर केस भी दर्ज कराया गया था। भारतीय दंड सहित तथा अनुसूचित जाति की धाराओं के अधीन उन पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में उनकी गिरफ़्तारी भी हुई थी।

सूत्रों के हवाले से मिली ख़बर के अनुसार, उन्हें पिछले वर्ष ही पार्टी में वापस ले लिया गया था। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मौर्य ने मामले की जानकारी देते हुए, दयाशंकर सिंह की बीजेपी में वापसी की ख़बरों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि, मायावती पर भद्दी कमेंट करने के आरोपी रहे दयाशंकर सिंह को पार्टी में फिर से उपाध्यक्ष की सीट मिल चुकी है।

दयाशंकर सिंह की पत्नी भी यूपी की विधायक

दयाशंकर सिंह की पत्नी भी उत्तर प्रदेश की बड़े नेताओं में गिनी जाती हैं। दयाशंकर सिंह के पार्टी से निकाले जाने के बाद, उनकी पत्नी स्वाति सिंह के हाथों में मोर्चा थमा दिया गया। उन्होंने पार्टी के द्वारा दिए ज़िम्मेदारी को बख़ूबी निभाते हुए, सरोजिनी नगर की सीट अपने नाम कर ली। उन्होंने मायावती को भी खुली चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर मायावती में दम है तो किसी सामान्य सीट से लड़ के दिखाए, वह ख़ुद उनके ख़िलाफ़ वहाँ से खड़ी होंगी। मायावती को दिए इस चुनौती के कारण स्वाति सिंह काफ़ी फ़ेमस हुईं। बीजेपी ने स्वाति सिंह को यूपी की महिला मोर्चा का अध्यक्ष भी बना दिया था।

योगी आदित्यनाथ ( उत्तर प्रदश मुख्यमंत्री ) की अगुवायी में राज्य में बड़े-बड़े फ़ैसले लिए जा रहे हैं। अभी कुछ ही दिनों पहले, उत्तर प्रदेश में 25 आईपीएस अधिकारियों का तबादला हुआ है। हालाँकि, योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद, यूपी में अपराध कुछ हद तक क़ाबू में है। अगर तुलना करें पिछली सरकारों से तो यह अपराध के आँकड़े कुछ कम ज़रूर हैं, लेकिन अभी भी कुछ जगहों पर खुलेआम क्राइम हो रहे हैं। ऐसे में, ज़रूरत है एक मज़बूत प्रशशनिक व्यवस्था लाने की, जिससे यूपी को अपराध मुक्त बनाया जा सके।

योगी सरकार द्वारा दयाशंकर सिंह को वापस पार्टी में पद देने के पीछे भी, कोई योजना हो सकती है योगी आदित्यनाथ की। अब देखना ये है की, विवादों में फँस चुके दयाशंकर सिंह उपाध्यक्ष पद पर आने के बाद, फिर से कोई विवादित बयान देते हैं या नहीं। हालाँकि, इतने सालों तक पार्टी से बाहर रहने के बाद, उनसे ऐसे किसी विवादित बयान की उम्मीद कम ही है।

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