anna hazare

अन्ना हजारे करेंगे किसानों की पेंशन और लोकपाल के लिए फिर से आन्दोलन

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काफी समय से चुप्पी साधे अन्ना हजारे ने आज एक अहम बात पर चर्चा की। चर्चा में उन्होंने अरविन्द केजरीवाल पर भी तीखा वार किया। उन्होंने अपने अगले विरोध प्रदर्शन के बारे में विस्तार से बताया। अन्ना का यह विरोध प्रदर्शन किसानों के हित एवं लोकपाल से जुड़ा होगा।

अन्ना हजारे ने कहा की अरविंद केजरीवाल ने उनसे 2011 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से पहले वादा किया था कि, वह कभी राजनीति में शामिल नहीं होंगे। लेकिन केजरीवाल ने अपनी पार्टी बनाई। हजारे ने मीडिया को 23 मार्च को लाभकारी फसल की कीमत, और एक मजबूत लोकपाल के लिए विरोध करने की बात कही।

अन्ना कार्यकर्ताओं से शपथ पत्र बनवाएँगे

अन्ना हजारे विरोध से पहले सभी कार्यकर्ताओं से शपथ पत्र बनवायेंगे। इस शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने वाला कभी चुनाव नहीं लड़ पायेगा। अन्ना ने कहा की हम सिर्फ अखंड और समर्पित व्यक्तियों को, हमारे आंदोलन में शामिल होने देना चाहते हैं। हम उनसे शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहेंगे। यह सुनिश्चित किया जायेगा कि केवल ईमानदार लोग उनसे जुड़ें हैं। ऐसे व्यक्तियों की संख्या कम होने पर भी कोई समस्या नहीं है।

कुमार विश्वास पर नहीं की अन्ना ने ख़ास टिप्पणी

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना ने कहा कि अगर किसी ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होने का साहस की, तो उसे न्यायालय में ले जाया जाएगा। उन्होंने आम आदमी पार्टी द्वारा राज्य सभा के नामांकन के बारे में विवाद पर, टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा की कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है। अन्ना ने कहा कि उन्हें असंतुष्ट आप के नेता, कुमार विश्वास से कोई लेना-देना नहीं है। वह राजनीति में शामिल हो चुके हैं।

अन्ना ने कई राज्यों का दौरा किया

हजारे ने कहा कि उन्होंने विभिन्न सामाजिक और कृषि मुद्दों को समझने के लिए, पिछले एक महीने में कई राज्यों का दौरा किया है।  उन्होंने ओडिशा, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में सार्वजनिक सभाएं की हैं। उन्होंने 23 मार्च को रैली के लिए तैयारी के बारे में, स्वयंसेवकों से भी बात की थी। उन्होंने कहा कि, वह अगले दो महीनों में शेष राज्यों का दौरा करेंगे। हजारे ने कहा कि सरकार को कृषि उत्पाद, और किसानों के लिए पेंशन के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना चाहिए।

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें की अन्ना हजारे ने लोकपाल बिल पास करने के लिए, एक बहुत बड़ा आन्दोलन किया था। लोकपाल बिल पास नहीं होने तक, उन्होंने कुछ भी नहीं खाने की बात कही थी। वह भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनकी इस आन्दोलन में अरविन्द केजरीवाल, कुमार विश्वास और किरण बेदी जैसे बड़े चेहरे भी शामिल थे। अन्ना के इस आन्दोलन का पूरे देश ने साथ दिया था। अरविन्द केजरीवाल भी अन्ना के इसी आन्दोलन से ही फेमस हुए। अन्ना की राह पर शुरुआत में चलने वाले अरविन्द केजरीवाल ने, बाद में अपना रास्ता अलग कर लिया। केजरीवाल ने राजनीती ज्वाइन कर ली। यह बात एना को पसंद नहीं आई। उसी का नतीजा है की आज अन्ना आन्दोलन करने से पहले, एफिडेविट साइन करवाने की बात कर रहे हैं ।

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